Gold Loan Kya Hota Hai What is Gold Loan full guide in Hindi

Gold Loan Kya Hai, अब बाज़ार में कई तरह का लोन उपलब्ध है. जिसमें से एक गोल्ड लोन है. गोल्ड लोन बहुत आसानी से मिल जाता है. अब कई बैंक और एनबीएफसी कंपनी गोल्ड लोन देने का काम कर रही है.

लोन दो तरह का होता है सिक्योर्ड लोन अनसिक्योर्ड लोन. गोल्ड लोन सिक्योर्ड लोन के अंदर आता है. सिक्योर्ड लोन का मतलब है कि लोन लेने के लिए गिरवी के रूप में कुछ जमा करना होता है.

गोल्ड लोन में सिक्योरिटी के तौर पर सोने के बने गहने को गिरवी के तौर पर रखा जाता है. इसके अंतर्गत कर्ज लेने वाला व्यक्ति बैंक या एनबीएफसी कंपनी को अपना सोने का बना गहना देता है. बदले में बैंक लोन देती है.

लोन राशि का भुगतान हो जाने तक यह गहना बैंक या एनबीएफसी कंपनी के पास गिरवी के तौर पर रखा रहता है जिससे लोन देने वाली संस्थान किसी लॉकर में सुरक्षित करती है.

गोल्ड लोन वाकई बहुत ही बेहतरीन लोन है. क्योंकि यहां बहुत ज्यादा डॉक्यूमेंट या बहुत ज्यादा दौड़ भाग करने की जरूरत नहीं होती है.

यदि मैं अपना सलाह दूं तो मैं गोल्ड लोन से बेहतर गोल्ड को बेचना उचित समझता हूं. गोल्ड मार्केट प्राइस का 75% तक लोन मिलता है. इस लोन पर ब्याज भी देना होता है इससे बेहतर है गोल्ड बेचकर अपना काम कर लिया जाए.

What is Marksheet Loan Full Guide in Hindi

gold loan kya hai
gold loan kya hai

Gold Loan Kya Hai गोल्ड लोन क्या है

गोल्ड लोन एक आपातकालीन लोन है यहां ब्याज दर कम होता है लेकिन लोन रकम चुकाने के लिए समय बहुत कम दिया जाता है. गोल्ड लोन का इस्तेमाल अक्सर इमरजेंसी फंड की तरह किया जाता है.

गोल्ड लोन की जरूरत हायर एजुकेशन, शादी ब्याह, घर की मरम्मत और सबसे जरूरी मेडिकल इमरजेंसी के समय बहुत ज्यादा हो जाता है. बैंक या एनबीएफसी कंपनी गोल्ड लोन देने में कोई देर नहीं लगाती है.

गोल्ड लोन लेने के लिए सिबिल स्कोर की भी कोई जरूरत नहीं है. क्योंकि यहां सिक्योरिटी के तौर पर गोल्ड आपने बैंक को जमा करवा दिया है.

वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है आपातकालीन स्थिति में गोल्ड लोन लेना पर्सनल लोन लेने से ज्यादा बेहतर विकल्प है. क्योंकि पर्सनल लोन की तुलना में गोल्ड लोन पर ब्याज दर कम लगता है.

गोल्ड लोन सोना के प्योरिटी मतलब सोना कितने कैरेट का है और अभी मार्केट में सोना का रेट क्या है इस पर निर्भर करता है. सोना को कभी भी मार्केट में बेचा जा सकता है यही वजह है कि कोई भी बैंक या एनबीएफसी कंपनी गोल्ड लोन देने से मना नहीं करती है.

गोल्ड लोन इजी प्रोसेसिंग के साथ बहुत ही आसानी से बहुत ही कम ब्याज दर में मिल जाता ह इसके अलावा गोल्ड लोन के लिए बहुत ज्यादा डॉक्यूमेंट भी देने की जरूरत नहीं है. गिरवी रखे गए गोल्ड की मार्केट प्राइस का 75% तक लोन मिलता है.

गोल्ड की मार्केट वैल्यू कैसे निकाली जाती है

जब भी कोई व्यक्ति गोल्ड लोन के लिए बैंक या एनबीएफसी कंपनी की तरफ रुख करता है तो बदले में गोल्ड देना होता है. गोल्ड लोन एक तरह का सिक्योर्ड लोन है.

इस लोन के लिए सोने के आभूषण के साथ बैंक जाना होता है. जहां गोल्ड की शुद्धता की जांच बैंक अपने स्तर पर करवाती है. गोल्ड का वजन गोल्ड की प्योरिटी मतलब गोल्ड कितने कैरेट का है और अभी मार्केट में गोल्ड का रेट क्या चल रहा है.

इन सभी बातों का आकलन करने के बाद गोल्ड लोन का आवेदन स्वीकार किया जाता है और जिस तिथि को गोल्ड लोन दिया जा रहा है उस तिथि के गोल्ड की मार्केट वैल्यू के आधार पर ही गोल्ड लोन का रकम तय किया जाता है.

यदि 24 कैरेट गोल्ड के सिक्कों को गिरवी रखकर लोन लेना चाहते हैं तो यह सिक्का बैंक द्वारा जारी होना चाहिए. यदि यह सिक्का किसी सुनार के यहां से खरीदा गया है तो यह मान्य नहीं होता है!

Top 10 Best Micro Finance Companies List in India

गोल्ड लोन कब ले सकते हैं

गोल्ड लोन पर्सनल लोन से ज्यादा बेहतर लोन है. क्योंकि पर्सनल लोन का ब्याज दर गोल्ड लोन के ब्याज दर से बहुत ज्यादा होता है. अक्सर जब कभी आकस्मिक कोई खर्च सामने आ जाता है.

जैसे घर में ब्याह शादी हो या घर का मरम्मत करवाना हो या उससे भी जरूरी जब किसी मेडिकल खर्च की बात हो तो ऐसे में पर्सनल लोन की तरफ हम रुख करते हैं.

यदि आपके पास पर्याप्त गोल्ड है तो गोल्ड लोन ले सकते हैं. लोन लेने के लिए बैंक में अपना आभूषण कुछ समय के लिए गिरवी रखना होता है. यदि बहुत कम समय जैसे 3 से 6 महीने के लिए ही लोन चाहिए तो गोल्ड लोन जरूर लें.

कई बार ऐसा देखा गया है साल या दो साल के लिए लोन की जरूरत होने पर भी लोग गोल्ड लोन की तरफ रुख करते हैं. यदि 6 महीने से ज्यादा समय के लिए लोन चाहिए तो गोल्ड लोन से बेहतर उस गोल्ड को बेच देने में फायदा है.

गोल्ड लोन की सुविधा सभी बैंक या सभी वित्तीय संस्थान नहीं देती है. लेकिन कई ऐसी बैंक और एनबीएफसी कंपनी है जो गोल्ड लोन मिनटों में देने का काम कर रही है.

किसी भी तरह का लोन लेने से पहले ब्याज दर और समय सीमा जरूर जान लेना चाहिए. चाहे पहले या बाद में ईएमआई के साथ या एक साथ यह लोन लोन लेने वाले व्यक्ति को ही चुकाना है. इसीलिए सारी जानकारी आपके पास होनी चाहिए.

गोल्ड लोन कैसे मिलता है

गोल्ड लोन लेने के लिए गोल्ड के साथ मतलब आपके पास जो भी गहने हैं या सोने के सिक्के इन सभी के साथ बैंक या एनबीएफसी कंपनी जाना होता है.

इसके बाद वित्तीय संस्थान का कर्मचारी उस गोल्ड का प्योरिटी चेक और वैल्यूएशन का काम करता है. गोल्ड लोन जिस तिथि को दिया जा रहा है, उस तिथि को गोल्ड का रेट क्या है इसके आधार पर आकलन होता है.

आकलन करने के बाद कुछ कागजी कार्यवाही पूरा करना होता है. काजी कार्यवाही पूरा होते ही बैंक गोल्ड लोन मुहैया करवा देती है. गोल्ड लोन लेने से पहले हमेशा ध्यान रखें कि इस पर लगने वाला ब्याज दर क्या है और कितने समय के लिए यह लोन दिया जा रहा है?

यदि लोन 3 से 6 महीने के लिए ले रहे हैं तो गोल्ड लोन बेहतर है. यदि समय सीमा इससे ज्यादा है तो गोल्ड बेच कर अपना काम कर लेने में ज्यादा फायदा है.

इसके अलावा गोल्ड लोन के लिए बैंक या एनबीएफसी कंपनी के वेबसाइट पर भी संपर्क कर सकते हैं.

गोल्ड लोन के लिए डॉक्यूमेंट्स

किसी भी तरह का लोन लेने के लिए कुछ जरूरी कागजात बैंक या एनबीएफसी कंपनी को देना होता है. जिसका लिस्ट नीचे दिया गया है.

  • पहचान पत्र – पहचान पत्र के तौर पर आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आदि की जरूरत होती है.
  • आवास प्रमाण पत्र – आवास प्रमाण पत्र की जरूरत एड्रेस प्रूफ के लिए होता है. इसके लिए आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, ब्लॉक किया नगर निगम से प्रमाणित आवास प्रमाण पत्र, बिजली बिल या टेलीफोन बिल देना होता है.
  • लोन देने वाली संस्था कर्ज लेने वाले से इनकम प्रूफ का भी मांग कर सकती है.

List of Top 10 Best NBFC Companies in India

Gold Loan Processing Fee गोल्ड लोन प्रोसेसिंग फी

कोई भी बैंक या एनबीएफसी कंपनी लोन देने के लिए प्रोसेसिंग फी लेती है. गोल्ड लोन के लिए वित्तीय संस्थान लोन रकम पर 1.5 प्रतिशत तक प्रोसेसिंग फी और इस प्रोसेसिंग फी पर जीएसटी भी लेती है.

लोन प्रोसेसिंग फी लोन रकम मिलने से पहले वित्तीय संस्थान को देना होता है. इसके अलावा गोल्ड लोन के लिए वैल्यूएशन फी भी देना होता है. वैल्यूएशन फी गोल्ड की प्योरिटी चेक और वैल्यू निकालने के लिए लिया जाता है.

वैसे तो मैं कई बार बता चुका हूं एक बार फिर बता देता हूं. यदि 3 से 6 महीने के लिए लोन ले रहे हैं तो Gold Loan बेहतर है. यदि इससे ज्यादा समय के लिए लोन ले रहे हैं तो गोल्ड बेचकर अपना काम कर लें.

ऐसा करने से वैल्यूएशन फी और प्रोसेसिंग फी भी बच जाएगा.

Gold Loan Interest Rate गोल्ड लोन ब्याज दर

सबसे जरूरी और महत्वपूर्ण बात! गोल्ड लोन का ब्याज दर क्या होता है. अलग-अलग बैंक और एनबीएफसी कंपनी का गोल्ड लोन ब्याज दर अलग-अलग है.
लोन ब्याज दर 7% से 24% तक देखा गया है. लोन लेने वाला व्यक्ति किस बैंक या एनबीएफसी कंपनी से लोन ले रहा है ब्याज दर इसी पर निर्भर करता है.

Gold Loan InstitutionsInterest RateLoan AmountLoan Period
Mannapuram Gold Loan9.9% प्रति वर्ष तक1,000 रुपये से 1.5 करोड़ रुपये तक3 महीने बाद से शुरू
SBI GOLD LOAN9.8% प्रति वर्ष से शुरू20,000 रुपये से 20 लाख रुपये तक36 महीने तक
HDFC GOLD LOAN12.04% प्रति वर्ष से शुरू50,000 रुपये से शुरू (ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 10,000 रुपये)6 महीने से 48 महीने तक
ICICI GOLD LOAN11% प्रति वर्ष से शुरू10,000 रुपये से 15 लाख रुपये तक6 महीने / 12 महीने तक
AXIS GOLD LOAN15% से 17.5% प्रति वर्ष25,001 रुपये से 20 लाख रुपये तक6 महीने से 36 महीने तक
CANARA BANK GOLD LOAN11.95% प्रति वर्ष से शुरू10,000 रुपये से 10 लाख रुपये तक12 महीने तक
BANK OF BARODA GOLD LOAN11.65% प्रति वर्ष से शुरू25,000 रुपये से 10 लाख रुपये तक12 महीने तक
KARNATAKA BANK GOLD LOAN10.65% प्रति वर्ष से शुरूअधिक-से-अधिक 5 लाख रुपये प्रति अकाउंट12 महीने तक
PUNJAB NATIONAL BANK GOLD LOAN10.05% से 11.05% प्रति वर्ष· उत्पादक उद्देश्य: कोई लिमिट नहीं · गैर उत्पादक उद्देश्य: 10 लाख रुपये तकउधारदाता के नियमों एवं शर्तों के अनुसार
IIFL GOLD LOAN 9.24% से 24% प्रति वर्ष3,000 रुपये से शुरू3 से 11 महीने तक
KOTAK MAHINDRA GOLD LOAN10.5% से 17% प्रति वर्ष25,000 रुपये से 25 लाख रुपये तक3 से 36 महीने तक
FEDRAL BANK GOLD LOAN13.25% प्रति वर्ष से शुरू1,000 रुपये से शुरूउधारदाता के नियमों एवं शर्तों के अनुसार
CENTRAL BANK OF INDIA GOLD LOAN10.65% प्रति वर्ष से शुरू (फ्लोटिंग)जमानत के तौर पर 50 ग्राम तक सोना गिरवी रखा जा सकता है।12 महीने तक
Gold Loan Interest Rate

गोल्ड लोन कौन ले सकता है

सोना गिरवी रख के कोई भी व्यक्ति लोन ले सकता है. वैसे तो गोल्ड लोन सबसे सुगम और आसान लोन है. इसके लिए बहुत ज्यादा प्रक्रिया से नहीं गुजरना होता है.

गोल्ड लोन के लिए भी कुछ योग्यता निर्धारित किया गया है. यदि लोन लेने वाला व्यक्ति इस योग्यता को पूरा करता है तो उसे आसानी से लोन मिल सकता है. यह योग्यता अलग-अलग बैंक और अलग-अलग एनबीएफसी कंपनी अपने हिसाब से तय करती है.

सामान्य तौर पर गोल्ड लोन के लिए कुछ आवश्यक योग्यता नीचे दर्शाया गया है. विशेष जानकारी के लिए आप जिस किसी भी संस्थान से गोल्ड लोन ले रहे हैं उनकी वेबसाइट पर योग्यता चेक कर लें.

  • आवेदक का उम्र कम से कम 18 साल होना चाहिए.
  • व्यक्ति के पास सोने के ऐसे गहने या सामान होने चाहिए जिन्हें गिरवी रखा जा सके.
  • गिरवी रखे जाने वाले सोने की शुद्धता 18 कैरट या उससे अधिक होनी चाहिए.
  • आवेदक का भरोसेमंद होना जरूरी है.

किसी भी तरह के लोन के लिए आवेदक का भरोसेमंद होना जरूरी है. भरोसेमंद का मतलब समय पर ईएमआई चुकाने से है.

Hdfc Mutual Fund Customer Care 180030106767

गोल्ड लोन आवेदन का तरीका

ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी तरह से गोल्ड लोन के लिए आवेदन किया जा सकता है. आवेदन करने के लिए संबंधित बैंक या एनबीएफसी कंपनी के वेबसाइट से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

गोल्ड लोन के लिए अप्लाई करने से पहले यह चेक करना होगा कि संबंधित बैंक की एनबीएफसी कंपनी गोल्ड लोन देती है या नहीं? यदि गोल्ड लोन देती है तो आपने मनचाहे विकल्प को चुनिए.

मनचाहे विकल्प का मतलब गोल्ड लोन से है. यहां ‘अप्लाई नाउ’ यानी ‘अभी आवेदन करें’ पर क्लिक करना होगा. इसके बाद, ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में आवश्यक विवरण दर्ज कर उस फॉर्म को ऑनलाइन ही सबमिट करना होगा.

गोल्ड लोन देने वाले बैंक या एनबीएफसी कंपनी के वेबसाइट पर ऑनलाइन विकल्प मौजूद नहीं है, तो ऐसे में नजदीकी ब्रांच में जाना होगा. लगभग सभी बैंक और एनबीएफसी कंपनी के वेबसाइट पर नजदीकी ब्रांच का विवरण होता है. आवेदन करने के लिए आपने साथ जरूरी दस्तावेज जरूर रखें.

आवेदन जमा करने के बाद संबंधित संस्थान दस्तावेजों के आधार पर आवेदन को मजूर कर आगे की प्रक्रिया के लिए ग्राहक से संपर्क करता है. सभी प्रक्रिया पूरा हो जाने पर लोन मंजूर कर ग्राहक के खाते में दे देता है.

गोल्ड लोन, फाइनेंशियल इमरजेंसी में पैसों का जल्दी इंतजाम करने का आसान तरीका है. लेकिन, गोल्ड लोन के लिए आवेदन करने से पहले जरूरी खोजबीन कर लें और अपनी जरूरत और रीपेमेंट कैपेसिटी के हिसाब से ही गोल्ड लोन लें.

Advantages of Gold Loan गोल्ड लोन की विशेषता

किसी भी तरह के फाइनेंशियल जरूरतों को पूरा करने के लिए, जैसे पढ़ाई, घर मरम्मत, शादी ब्याह या मेडिकल इमरजेंसी, इत्यादि के लिए गोल्ड लोन ले सकते हैं.

बैंक या वित्तीय संस्थान में गिरवी रखा गया सोना, सिक्योरिटी या जमानत का काम करता है जिसके बदले लोन अमाउंट दिया जाता है. इससे साफ़ जाहिर है यह सिक्योर्ड लोन है.

यह लोन कम से कम 3 महीना और ज्यादा से ज्यादा 36 महीना के लिए दिया जाता है. गोल्ड लोन पर इंटरेस्ट रेट जरूर कम है. लेकिन, प्रोसेसिंग और वैलुएशन फी भी देता है.

इसके अलावे लेट पेमेंट चार्ज, इंटरेस्ट का पेमेंट न करने पर पेनाल्टी भी देना होता है. यदि 6 महीना से ज्यादा के लिए लोन लेना है तो गोल्ड लोन लेने से अच्छा गोल्ड को बेच देना चाहिए.

उधार लेने वाले के लिए सबसे जरूरी काम लोन का रीपेमेंट करना है. रीपेमेंट करने के लिए तीन विकल्प दिया जाता है. जिसका विवरण नीचे दिया गया है.

  1. इंटरेस्ट और प्रिंसिपल लोन अमाउंट का रीपेमेंट, मंथली इंस्टालमेंट (EMI) में करना.
  2. इंटरेस्ट का पेमेंट, शुरू में ही करना और प्रिंसिपल लोन अमाउंट का रीपेमेंट लोन रीपेमेंट पीरियड के अंत में करना.
  3. इंटरेस्ट का पेमेंट, हर महीने करना और प्रिंसिपल लोन अमाउंट का रीपेमेंट, लोन रीपेमेंट पीरियड के अंत में करना.

यदि लोन लेने वाला व्यक्ति नियमित रूप से यह माई का पेमेंट करता रहता है तो कई बैंक और एनबीएफसी कंपनी गोल्ड लोन के मौजूदा ब्याज दर पर कुछ छूट दे देते हैं.

First Indian Insurance Company LIC of India भारतीय जीवन बीमा निगम

गोल्ड लोन से संबंधित जरूरी बातें

गोल्ड लोन में मिलने वाला लोन अमाउंट ग्राहक द्वारा गिरवी रखे गए सोने के वैल्यू के आधार पर निर्धारित किया जाता है. इसके लिए गोल्ड की प्योरिटी कम से कम 18 कैरेट होना ही चाहिए.

गोल्ड प्योरिटी मतलब कैरेट जितना ज्यादा होगा लोन मिलने और लोन अमाउंट ज्यादा होने की उतनी ही संभावना अधिक हो जाती है. गोल्ड लोन एक सिक्योर्ड लोन है इसी वजह से इसका ब्याज दर कम होता है. क्योंकि यहां जमानत या गिरवी के रूप में ग्राहक अपना सोना बैंक को दे चुका होता है.

अलग-अलग बैंक और एनबीएफसी कंपनी का ब्याज दर अलग है. इसीलिए आवेदन करने से पहले लोन का ब्याज दर जरूर जान लें. लोन लेने से पहले कुछ संस्थानों के ब्याज दर का तुलना जरूर कर लें.

गोल्ड लोन लेने के लिए कुछ अतिरिक्त शुल्क जैसे प्रोसेसिंग फी और वैल्यूएशन फी देना होता है. सामान्य तौर पर प्रोसेसिंग फी 1.5 प्रतिशत तक होता है.

गोल्ड लोन का रीपेमेंट करने के लिए 3 महीने से 36 महीने तक का समय मिलता है. लेकिन यदि यह लोन 6 महीने से ज्यादा समय के लिए लिया जा रहा है, तो गोल्ड बेचने में ही ज्यादा फायदा है.

गोल्ड लोन लेने से पहले बैंक या एनबीएफसी कंपनी का रिव्यू जरूर चेक कर लें. पहले जिस किसी भी व्यक्ति ने यहां से गोल्ड लोन लिया है तो उनका गोल्ड कितना सुरक्षित इनके यहां रहता है.

गोल्ड लोन का भुगतान नहीं करने पर क्या होगा?

कई लोगों का यह सवाल हो सकता है यदि गोल्ड लोन के ईएमआई का भुगतान सही समय पर नहीं किया गया तो क्या होगा? गोल्ड लोन एक सिक्योर्ड लोन इसीलिए यहां उधार दाता को समस्या कम आती है.

यदि किसी ने लोन नहीं चुकाया तो उधार दाता के पास लोन लेने वाले व्यक्ति का सोना गिरवी के रूप में जमा है जिसे बेचकर वह रिकवरी कर सकता है.

लोन लेने वाला व्यक्ति यदि दिए गए समय पर ईएमआई नहीं चुका पाता है तो संस्थान एक फॉलोअप रिमाइंडर भेजती है और पेनल्टी के तौर पर लेट पेमेंट भी चार्ज करती है.

कई वित्तीय संस्थान ब्याज दर के अलावा 2% तक का वार्षिक लेट फीस भी लेती है. यदि कई रिमाइंडर भेजने के बाद भी लोन का ईएमआई नहीं दिया गया तो गिरवी रखे गए सोना पर देने वाले वित्तीय संस्थान का कानूनन अधिकार हो जाता है.

वित्तीय संस्थान गिरवी रखे गए सोना की नीलामी कर अपना बकाया रिकवर करते हैं. इससे बैंक का लोन अमाउंट जरूर रिकवर हो जाता है. लेकिन, कर्ज लेने वाले व्यक्ति का क्रेडिट हिस्ट्री और सिबिल स्कोर खराब हो जाता है.

You May Also Read

वक्रांगी का ग्राहक सेवा केन्द्र कैसे खोलें?

बीमा का इतिहास – History of Insurance

What is Ayushman Bharat Yojana in Hindi (ABY)?

शेयर मार्केट (Share Market) क्या है? Financial Guide in Hindi

Conclusion

Gold Loan Kya Hota Hai, इसके बारें में लगभग सभी जानकारी ऊपर दिया गया है. गोल्ड लोन एक सिक्योर्ड लोन है. सिक्योर्ड लोन होने की वजह से इस पर ब्याज दर बहुत कम लगता है.

गोल्ड लोन की अवधि 3 महीने से 36 महीने का होता है. लगभग सभी बैंक और वित्तीय संस्थान गोल्ड देने का काम करती है. गोल्ड लोन की सबसे बड़ी खासियत यहां लोन लेने के लिए ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं है.

कुछ वित्तीय संस्थान मिनटों में गोल्ड लोन दे देती है. लेकिन, लोन लेने से पहले सुनिश्चित कर लें, गिरवी रखा गया सोना इनके पास कितना सुरक्षित है?

यदि समय से लोन रकम ब्याज सहित नहीं चुकाया गया तो गिरवी रखे गए सोना पर वित्तीय संस्थान का कानूनन हक हो जाता है. इसे बेच कर कंपनी अपना रिकवरी कर लेती है.

ऐसी स्थिति में भी सिबिल स्कोर खराब हो जाता है. इसीलिए लोन लिया है तो ईएमआई का भुगतान समय पर करें. यदि 6 महीना से ज्यादा के लिए लोन चाहिए तो सोना बेच कर पाना काम कर लेना चाहिए.

उम्मीद है Gold Loan Kya Hota Hai, गोल्ड लोन कैसे मिलता है इससे संबंधित सभी जानकारी से आप संतुष्ट हैं. यदि गोल्ड लोन से संबंधित कोई सवाल है तो नीचे कमेन्ट बॉक्स में जरूर कमेन्ट कीजिये.

यदि यह जानकारी आपको अच्छी लगी तो Spread the love Please Share...

Leave a Reply

Your email address will not be published.